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Tuesday, April 16, 2024
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संविधान से ऊपर कोई नहीं

संविधान हमारी राष्ट्रीय थाती की किताब है। ऐसी राष्ट्रीय पुस्तक जिसमें ऐसे विचारों, नियमों और संकल्पों का संचयन है, जो भारत को एक होकर रहने और काम करने का मार्ग प्रशस्त करता है। वह भारत का सर्वोच्च विधान है। संविधान से ऊपर कोई नहीं है।

संविधान महज नियमावली नहीं है। वह एक साझा सपना है। हमारे सामूहिक समान संकल्पों और विचारों का दस्तावेज है। यह सामूहिक नजरिया हमारा दिशा दाता भी है कि हमें कैसा देश, परिवेश और भविष्य चाहिए। एक पारस्परिक वचन। हमारा संविधान हर भारतीय के गरीमापूर्ण जीवन निर्माण हेतु अधिकार, सुरक्षा और शक्ति प्रदान करता है। इसके बदले में वह हमें भी अपने दायित्वों के निर्वहन का मार्ग दिखाता है।

देश का मानचित्र। संविधान की मंशा है कि भारत के हर कानून की संरचना संविधान में देश को दिए वचन को पूरा करने वाली हो। कोई भी कानून व्यवहार या आचरण संविधान ने हमें राज्य विधानसभाएं, संसद, कोर्ट, कचहरी, मंत्रिमंडल और सार्वजनिक चुनाव की व्यवस्थाएं दी, उन्हें परिभाषित किया। यह सब देशवासियों की सेवा के लिए ही बनाई गई।

 

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