26.2 C
New York
Thursday, August 20, 2026
Homeविविधखेल-खिलाड़ीतीरंदाजी में जोबनेर की खुशी कुमावत ने रचा इतिहास, दक्षिण कोरिया में...

तीरंदाजी में जोबनेर की खुशी कुमावत ने रचा इतिहास, दक्षिण कोरिया में भारत के नाम किया स्वर्ण

जोबनेर कस्बे की युवा तीरंदाज खुशी कुमावत ने दक्षिण कोरिया में आयोजित विश्व तीरंदाजी युवा आमंत्रण प्रतियोगिता-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर देश का झंडा लहराया। राष्ट्रीय चयन परीक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम में जगह बनाने वाली खुशी ने अंडर-21 महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में प्रांजल ठोलिया और युक्ताश्री के साथ दमदार प्रदर्शन किया। विशेष बात यह रही कि भारतीय टीम में राजस्थान की दो प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल थीं।

रोमांचक फाइनल में भारतीय टीम ने मेजबान कोरिया-ए को उसी की धरती पर 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। क्वालीफाइंग दौर में भारतीय टीम ने 1890 अंक हासिल कर तीसरी रैंक प्राप्त की। खुशी ने व्यक्तिगत रूप से 634 अंक जुटाकर नौवीं रैंक हासिल की। ग्रुप चरण में भारत ने कोरिया-बी को भी 5-3 से हराया, जबकि व्यक्तिगत मुकाबले में खुशी ने सिंगापुर की खिलाड़ी को 6-0 से शिकस्त दी। खुशी की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता की खबर मिलते ही जोबनेर में खुशी का माहौल बन गया।

अपनी इस उपलब्धि का श्रेय खुशी ने अपने पिता, कोच एवं पीटीआई सांवर मल, माता गीता देवी तथा कॉलेज मैदान को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार, प्रशिक्षकों और क्षेत्र से मिले प्रोत्साहन ने उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

कोच सांवरमल कुमावत ने कहा कि यह राजस्थान ही नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर खुशी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई है। खुशी इससे पहले 2023 में एशिया कप, ताइवान में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है।

खुशी की इस शानदार उपलब्धि पर राजस्थान तीरंदाजी एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह खंगारोत, उपाध्यक्ष गिरधारी लाल सेन, सचिव सुरेंद्र सिंह गुर्जर, हरिराम चौधरी तथा विवेकानंद कॉलेज की डायरेक्टर संतोष कुमावत सहित अनेक लोगों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

 

Bharat Update
Bharat Update
भारत अपडेट डॉट कॉम एक हिंदी स्वतंत्र पोर्टल है, जिसे शुरू करने के पीछे हमारा यही मक़सद है कि हम प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी परोस सकें। हम कोई बड़े मीडिया घराने नहीं हैं बल्कि हम तो सीमित संसाधनों के साथ पत्रकारिता करने वाले हैं। कौन नहीं जानता कि सत्य और मौलिकता संसाधनों की मोहताज नहीं होती। हमारी भी यही ताक़त है। हमारे पास ग्राउंड रिपोर्ट्स हैं, हमारे पास सत्य है, हमारे पास वो पत्रकारिता है, जो इसे ओरों से विशिष्ट बनाने का माद्दा रखती है।
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments